दुलमी (रामगढ़)I
फ्रांस के गिसेल बुसान एवं विरासत ट्रस्ट हजारीबाग के जस्टिस इमाम ने शुक्रवार को दुलमी प्रखंड के जामसिंघ व भैपुर व मालासिली डूंगरी स्थित मध्य पाषाण कालीन स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद श्रीमती गिसेल ने कहा कि रामगढ़ जिला पुरातात्विक दृष्टि से बहुत अमीर है किंतु मैं इस स्थल को देखकर बहुत आश्चर्यचकित हूं कि इनका रखरखाव नहीं हो पा रहा है और जो है वह भी खत्म होते जा रहे हैं। इसकी संरक्षण की जरूरत है जिसे यहां के प्रशासन और सरकार को करनी चाहिए। ज्ञात हो कि जरीना खातून संग्रहालय के निदेशक फैयाज अहमद ने रामगढ़ की महापाषाण संस्कृति पर 2007 में शोध कार्य किया था। इससे पूर्व फ्रांस की गिसेल बुसान तथा विरासत ट्रस्ट हजारीबाग के जस्टिस इमाम ने जरीना खातून संग्रहालय सह शोध केंद्र का दौरा किया। संग्रहालय में प्रदर्शित पुरापाषाण काल,मध्य पुरापाषाण काल नवपाषाण काल तथा महापाषाण काल के कोशिशों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय के पांडुलिपियों को देखा।संग्रहालय देखकर बहुत आश्चर्यचकित हुई। इनका उचित तरीके से रखरखाव नहीं हो रहा है जिसके कारण अवशेष समाप्त होते जा रहे हैं।। इसकी संरक्षण की जरूरत है। मौके पर कमर सिद्धीक, सैयद सनाउल्लाह, गुल अफशा खातून, मोहम्मद शाद सहित कई लोग मौजूद थे।